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गुरुवार, 3 अगस्त 2023

Opinion: उत्तर प्रदेश ने बनाई देश और दुनिया में अपनी पहचान

 आबादी और संसाधनों के लिहाज से उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा प्रदेश है. पिछले दशकों में उत्तर प्रदेश की पहचान एक बीमारू राज्य के रुप में होती थी लेकिन अब सूरत पूरी तरह से बदल चुकी है.वर्तमान योगी सरकार ने पिछले छह सालों में विकास के अनेकों ऐसे कार्य किए हैं जिसके चलते इसकी पहचान तेजी से विकसित हो रहे प्रदेश की बन चुकी है.

प्रदेश सरकार ने एक तरफ जहां एक्सप्रेसवे के नेटवर्क के विस्तार के जरिये विकास को नई रफ्तार दी है वहीं पर अपराध और अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर बेहतरीन कानून व्यवस्था स्थापित कर जनमानस में सरकार के प्रति अटूट विश्वास भी पैदा किया है. उत्तर प्रदेश में छह एक्सप्रेसवे गतिमान है और सात पर निर्माण कार्य जारी है. प्रदेश के सबसे लंबे 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य तीव्र गति से कराया जा रहा है और साल 2025 मे होने वाले महाकुंभ तक इसे शुरु करने की योजना है. मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले गंगा एक्सप्रेसवे से प्रदेश का पश्चिमी हिस्सा सीधे तौर से पूर्वाचल से जुड़ जाएगा. इधर लखनऊ को गोरखपुर से जोड़ने के लिए बन रहे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लगभग 80 प्रतिशत कार्य संपन्न हो चुका है. एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रीयल क्लस्टर्स विकसित करने को लेकर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिसके चलते बड़े बड़े उद्योग ता लगेगे ही राजगार के बड़ी मात्रा में अवसर उपलब्ध होगे.

औद्यागिक विकास के लिए बेहतरीन नीतियां बनाकर देसी और विदेशी निवेशकों का प्रदेश में निवेश लायक शानदार माहौल तैयार किया है. देश और दुनिया के निवेशक अब उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे है जिससे एक तरफ औद्योगिकरण को बढ़ावा मिल रहा है वहीं रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे है. सरकार के अथक प्रयासों का ही नतीजा है कि इस साल फरवरी में हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 35 लाख करोड़ से अधिक के 22 हजार निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं. ये दर्शाता है कि निवेशकों का भरोसा उत्तर प्रदेश को लेकर कितना मजबूत हुआ है. उद्योगों के विकास को लेकर जमीन की सहज उपलब्धता हो इसके लिए खास इंतजाम किए गए है. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2018 में पहले इंवेस्टर्स समिट में 4.68 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे दिलचस्प है कि अब तक 4 लाख करोड़ के प्रस्ताव धरातल पर उत्तर भी चुके हैं. इंडस्ट्री और निवेशकों की मांग और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने औद्योगिक नीति में आवश्यक बदलाव किए हैं.

इतना ही नहीं योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक पर्यटन के मुख्य केंद्र के रूप में उभरा है. अयोध्या, मथुरा, काशी, नामषारण्य, देवीपाटन और विध्याचल में तेजी से कार्य कराया जा रहा है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद वाराणसी में पर्यटन का खासा विकास हुआ है. इसकी वजह से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिला है बल्कि पर्यटन से जुड़े अन्य व्यवसायों में भी तरक्की देखने को मिल रही है. करीब 20-30 लाख लोग हर महीने काशी पहुंच रहे है महत्वपूर्ण तथ्य ये है कि प्रदेश सरकार का ध्यान पर्यटकों का बेहतर सुविधा प्रदान करते हुए ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने की ओर है. एक तरफ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण जोर शोर से हो रहा है वहीं विंध्य धाम कॉरिडोर पर भी तीव्रता से कार्य कराया जा रहा है. पूर्व में सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार की खबर आना आम बात थी लेकिन पिछले छह साला में प्रदेश सरकार ने नियम और पारदर्शिता के मानदंड को अपनाकर बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियां देने का कार्य किया है. पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से सरकारी भर्तियां की जा रही है.

उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी का हिस्सा कृषि पर निर्भर है, सरकार ने कृषि कल्याणकारी योजनाएँ बनाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा काम किया है. यहां इस बात को बताना आवश्यक है कि पिछले छह सालों में प्रदेश में कृषि विकास दर 3 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है.

अभी हाल ही में नीति आयोग के आकड़े जारी हुए जिसमें पांच वर्षों में भारत में 13.5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं लेकिन इसमें भी उत्तर प्रदेश नंबर वन राज्य है जहां सर्वाधिक साढ़े 5 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए है. ये सरकार की गरीबों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के लिए चलाई जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरुप ही संभव हो सका है.

कृषि से जुड़े उद्यमों की स्थापना के लिए प्रदेश सरकार वित्त वर्ष 2023.2024 में 3,781 करोड़ रुपये खर्च करने वाली है. यहां बता दें कि योगी जी की सरकार, कद्र की अनेक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सबसे आगे है।

देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में कानून का राज स्थापित हुआ है. चाहे गरीबों के घर गैस कनेक्शन, बिजली, नल से जल देना या नई सड़कों और एक्सप्रेसवे का निर्माण, डबल इंजन की सरकार ने हर क्षेत्र में अच्छा काम किया है.

यूपी में जल जीवन मिशन की हर घर जल योजना ने ग्रामीणों तक नल से जल पहुंचाने का कार्य पूरा कर लिया है. वहीं सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सुधार तेजी से कार्य कर रही है. हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने के साथ ही नर्सिंग और पैरा मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में काम हो रहा है

प्रदेशवासियों का बिजली की निर्वाध आपूर्ति के लिए भी सरकार प्रयासरत है, बिजली उत्पादन बढ़ाने पर भरपूर और दिया गया है जिससे फलस्वरूप आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ है. ओरा की 660 मेगावाट की एक यूनिट उत्पादन शुरू करने जा रही है इसी तरह जवाहर तापीय परियोजना में निर्माणाधीन 660 मेगावाट की दो इकाइयां भी इसी साल उत्पादन शुरू करेगी यहीं कानपुर स्थित पनकी तापीय परियोजना में 660 मेगावाट की एक यूनिट भी इस साल दिसंबर में शुरू होने वाली है.

आप देख सकते हैं कि कानून व्यवस्था, सड़क, बिजली, पानी हो या औद्योगिक विकास उत्तर प्रदेश हर तरफ अपनी एक नई पहचान कायम करने की दिशा ग तेजी से अवसर है. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिन रात परिश्रम कर रहे हैं और उनके कुशल नेतृत्व का ही नतीजा है कि उत्तर प्रदेश आज देश ही नहीं बल्कि दुनिया में अपनी एक अलग पहचान कायम कर रहा है.

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