- नेताजी को इतिहास से मिटाने की कोशिश हुई : राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस | सच्चाईयाँ न्यूज़

मंगलवार, 23 जनवरी 2024

नेताजी को इतिहास से मिटाने की कोशिश हुई : राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस

नेताजी सुभाष चंद्र बोस को इतिहास से मिटाने का जानबूझकर प्रयास किया गया। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने मंगलवार को यह आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नेताजी पर और भी शोध होंगे।

उन्होंने राजभवन के एक पोर्टिको का नाम भी नेताजी के नाम पर रखा।

नेताजी की जयंती पर एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि मेरे भी नाम के साथ नेताजी का नाम बोस जुड़ा हुआ है। इस पर मुझे गर्व है।

राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस बात पर अफसोस जताया कि नेताजी ने देश की आजादी के लिए इतना कुछ किया बावजूद इसके देश की आजादी के बाद उन्हें इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं दिया गया। मंगलवार को राजभवन में नेताजी की तस्वीर पर माल्यार्पण करते हुए राज्यपाल ने सख्त भाषा में पूछा, ''नेताजी की याद में क्या किया गया है?''

गवर्नर ने कहा, ''एक जिम्मेदार राज्यपाल के तौर पर मैं कह रहा हूं कि नेताजी को इतिहास से मिटाने की जानबूझकर कोशिश की गई। बाद में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि नेताजी को इतिहास में उनका उचित स्थान नहीं दिया गया, उन्हें इतिहास में उनका उचित स्थान दिया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है कि नेताजी को इतिहास में उनका उचित स्थान मिले।"

राज्यपाल बोस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की स्मृति में बोलते हुए कहा कि राजभवन द्वारा एक शोध दल का गठन किया जाएगा। यह शोध दल विभिन्न सरकारी और निजी पुस्तकालयों को लेकर बनाया जाएगा। इसका काम होगा नेताजी पर शोध करना। राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कहा कि नेताजी को इतिहास के पन्नों में उनका उचित स्थान दिलाने के लिए, नेताजी पर एक वार्षिक व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा।

मंगलवार को राजभवन में नेताजी की जयंती पर संबोधित करते हुए उन्होंने घोषणा की कि राजभवन के पोर्टिको का नाम नेताजी के नाम पर रखा गया है। अब से इसका नाम नेताजी सुभाष चंद्र बोस पोर्टिको होगा। इतना ही नहीं, गवर्नर बोस ने यह भी कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर ने नेताजी को देशनायक कहकर संबोधित किया था।

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