- Earthquake in Japan: एक बार फिर तेज भूकंप के झटके से कांपी जापान की धरती, रिक्टर स्केल पर 6 मापी गई तीव्रता | सच्चाईयाँ न्यूज़

मंगलवार, 9 जनवरी 2024

Earthquake in Japan: एक बार फिर तेज भूकंप के झटके से कांपी जापान की धरती, रिक्टर स्केल पर 6 मापी गई तीव्रता

 

Japan Earthquake: एक बार फिर तेज भूकंप के झटके से जपान की धरती हिल गई है. जीएफजेड जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज ने कहा कि मंगलवार को जापान के होंशू के पश्चिमी तट के पास रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6 मापी गई है.

हालांकि, भूकंप के बाद अबतक किसी तरह के हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है.

इससे पहले रविवार को 5 तीव्रता की भूकंप आई थी. इस साल की शुरुआत ही जापान के लिए अच्छी नहीं रही. एक जनवरी को देश में खतरनाक भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी दी गई थी.

एक जनवरी को आया था खतरनाक भूकंप

इस साल के पहले ही दिन खतरनाक भूकंप आया. 7.6 तीव्रता वाले भूकंप ने देशभर में तबाही मचा दी. सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की गई और साथ ही आने वाले वक्त में और भूकंप आने की आशंका जताई गई. एक जनवरी को आए भूकंप में अब तक 126 लोगों की मौत हो चुकी है. सैंकड़ों दुकान-मकान क्षतिग्रस्त हो गए.

भूकंप के बाद बिजली की संकट

एक जनवरी को आए भूकंप के बाद कई घरों में बिजली की संकट पैदा हो गई है. जापान के इशिकावा प्रान्त के निवासियों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. अनामिज़ू में 1,900 घरों में बिजली नहीं थी, और इशिकावा प्रान्त में लगभग 20,000 घरों में बिजली नहीं है. टेलीफोन सेवा भी ठप्प है.

कार में सो रहे लोग

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जनवरी के भूकंप के बाद लोग इतने डरे हुए हैं कि वे अपने घरों में ना सोकर बाहर खुले में या फिर अपनी कारों में सो रहे हैं. उन्हें डर है कि कभी भी भूकंप के तेज झटके आ सकते हैं और उनकी जिंदगी पर आफत बन सकती है.

एफपी समाचार एजेंसी से बातचीत में वाजिमा निवासी हिरोयुकी हमातानी ने बताया ,'मैं नए साल के दिन आराम कर रहा था जब भूकंप आया. मेरे सभी रिश्तेदार साथ थे और हम मौज-मस्ती कर रहे थे. लेकिन एक झटके में सब बदल गया. घर खड़ा है लेकिन अब यह रहने लायक नहीं है. भविष्य के बारे में सोचने के लिए मेरे दिमाग में जगह नहीं है.' पिछले सप्ताह आए भूकंप से मरने वालों की संख्या 2016 के बाद से सबसे अधिक है. 2016 में दक्षिण-पश्चिमी जापान के कुमामोटो में आए भूकंप में 276 लोग मारे गए थे.

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